हिंदी दिवस का महत्व
भारत में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हिंदी भाषा को समर्पित है और इसके महत्व को दर्शाता है, साथ ही देश को एकजुट रखने में हिंदी की भूमिका को भी उजागर करता है। 14 सितंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था, जिसके बाद 1953 से इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना, इसके महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करना और देश की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 15 सितंबर 2025 तक मिजोरम, मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार का दौरा कर रहे हैं, जहां वे 71,850 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। 14 सितंबर को, प्रधानमंत्री मोदी ने असम में 18,530 करोड़ रुपये से अधिक की प्रमुख बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनमें दरांग मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, जीएनएम स्कूल और बी.एससी. नर्सिंग कॉलेज शामिल हैं। उन्होंने नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) में असम बायोएथेनॉल संयंत्र का भी उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी पर कुरुवा-नरेंगी पुल और गुवाहाटी रिंग रोड परियोजना की आधारशिला रखी। 13 सितंबर को, प्रधानमंत्री ने मिजोरम को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन का उद्घाटन किया। मणिपुर में, उन्होंने 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिसमें शहरी सड़कें, जल निकासी और परिसंपत्ति प्रबंधन सुधार परियोजनाएं शामिल हैं।
यूनेस्को की अस्थायी सूची में सात नए प्राकृतिक स्थल
भारत की सात नई प्राकृतिक धरोहरों को यूनेस्को की विश्व धरोहर की टेंटेटिव लिस्ट (अस्थायी सूची) में शामिल किया गया है। इनमें महाराष्ट्र के पंचगनी और महाबलेश्वर के डेक्कन ट्रैप्स तथा आंध्र प्रदेश की तिरुमला पहाड़ियां प्रमुख हैं। इन सात स्थलों के जुड़ने के बाद भारत की कुल धरोहरों की संख्या 69 हो जाएगी, जिसमें 49 सांस्कृतिक, 3 मिश्रित और 17 प्राकृतिक श्रेणी की धरोहरें शामिल हैं। यूनेस्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इन धरोहरों को सूची में शामिल किया जाना देश की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
ज्ञान भारतम पोर्टल का शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ज्ञान भारतम पोर्टल' का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य भारत की विशाल पांडुलिपि विरासत को संरक्षित करना, डिजिटाइज़ करना और बढ़ावा देना है। यह मिशन भावी पीढ़ियों के लिए प्रौद्योगिकी के साथ परंपरा को जोड़ता है और इसका लक्ष्य पांडुलिपियों को शिक्षा, अनुसंधान और सांस्कृतिक गौरव के लिए एक जीवंत संसाधन के रूप में पुनः स्थापित करना है। इस मिशन के लिए 482.85 करोड़ रुपये (2024-31) आवंटित किए गए हैं, जिसमें पहले से ही 44.07 लाख से अधिक पांडुलिपियां कृति संपदा डिजिटल रिपॉजिटरी में प्रलेखित हैं।
भारत और मॉरीशस के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार
भारत और मॉरीशस स्थानीय मुद्राओं में द्विपक्षीय व्यापार को सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ व्यापक वार्ता के बाद यह घोषणा की। यह पहल पिछले साल मॉरीशस में यूपीआई और रूपे कार्ड की शुरुआत के बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करेगी। इस कदम से डॉलर के वर्चस्व को तोड़ने में मदद मिलेगी और दोनों देशों के बीच आपसी मुद्रा में लेनदेन सहज हो सकेगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
13 सितंबर 2025 को देशभर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें लाखों वाहन मालिकों को अपने लंबित ट्रैफिक चालानों का निपटारा करने का अवसर मिला। इस लोक अदालत का उद्देश्य छोटे-मोटे ट्रैफिक उल्लंघनों, जैसे बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के गाड़ी चलाना, लाल बत्ती पार करना, तेज गति, या वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र न होना, से संबंधित चालानों को कम दरों पर निपटाना या पूरी तरह से रद्द करना था। हालांकि, नशे में गाड़ी चलाना या लापरवाही से हुई मौत जैसे गंभीर अपराधों को लोक अदालत के दायरे से बाहर रखा गया था।
तटरक्षक वैश्विक शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी
भारत ने 11-12 सितंबर 2025 को इटली के रोम में आयोजित चौथे तटरक्षक वैश्विक शिखर सम्मेलन (CGGS) में भाग लिया। इस सम्मेलन में भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने वैश्विक समुद्री शासन को मजबूत करने और सुरक्षित, स्वच्छ एवं अधिक सुरक्षित समुद्रों के एजेंडे को आकार देने में भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। भारत ने 2027 में 5वें तटरक्षक वैश्विक शिखर सम्मेलन की चेन्नई में मेजबानी करने की भी बोली लगाई है, जो भारतीय तटरक्षक बल के स्वर्ण जयंती समारोह के साथ आयोजित होगा।