भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए जानना आवश्यक है:
- आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि में वृद्धि: वित्तीय वर्ष 2024-25 (निर्धारण वर्ष 2025-26) के लिए गैर-ऑडिट मामलों में आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को 15 सितंबर, 2025 तक बढ़ा दिया गया है। यह विस्तार करदाताओं को अपने अनुपालन दायित्वों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय प्रदान करेगा।
- GST दरों में कमी और उपभोक्ताओं को राहत: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि पहले 12% GST स्लैब में आने वाली लगभग 99% वस्तुओं को अब 5% GST स्लैब में लाया गया है। इससे मध्य वर्ग को सीधे राहत मिलने की उम्मीद है। FMCG कंपनियों से अपेक्षा की जाती है कि वे GST कटौती का लाभ ग्राहकों तक छोटे पैकेट (₹5, ₹10, ₹20) की मात्रा बढ़ाकर पहुंचाएंगी, न कि कीमतों में कमी करके।
- UPI भुगतान सीमा में वृद्धि: उपभोक्ता से दुकानदार या कारोबारी (P2M) को किए जाने वाले UPI भुगतान की सीमा बढ़ाकर ₹10 लाख प्रतिदिन कर दी गई है। यह डिजिटल लेनदेन को और बढ़ावा देगा।
- आगामी IPOs की धूम: अगले 2-3 हफ्तों में लगभग ₹10,000 करोड़ के नए IPO बाजार में आने के लिए तैयार हैं, जिसमें एक दर्जन से अधिक कंपनियां अपने इश्यू लॉन्च करने की तैयारी में हैं। इसके अतिरिक्त, टाटा कैपिटल का ₹17,000 करोड़ का IPO भी अगले एक महीने के भीतर खुलने की उम्मीद है।
- भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर टिप्पणी: अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने भारत की व्यापार नीतियों की आलोचना की है, आरोप लगाया है कि भारत वैश्विक व्यापार से लाभ उठाते हुए बाजार पहुंच को सीमित कर रहा है। यह भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों में चल रहे तनाव को दर्शाता है।
- कच्चे तेल और गैस आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने के बावजूद, ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। उन्होंने सरकार के कच्चे तेल और गैस के आयात को कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर प्रकाश डाला।
- शेयर बाजार का महत्वपूर्ण सप्ताह: भारतीय शेयर बाजारों के लिए आने वाला सप्ताह महत्वपूर्ण होगा, जो फेड दर के फैसले, भारत-अमेरिका-यूरोपीय संघ व्यापार सौदों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के प्रवाह से प्रभावित होगा। FII की गतिविधियों में हाल ही में सकारात्मक रुझान देखा गया है।
- रक्षा क्षेत्र में नई डील: एक कर्ज-मुक्त रक्षा कंपनी ने अमेरिकी रक्षा निर्माता CQT वेपन सिस्टम्स के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।