भारत ने 15 सितंबर, 2025 को राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस मनाते हुए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय प्रगति और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को रेखांकित किया है। देश वैश्विक नवाचार सूचकांक में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, जो इसके गतिशील इंजीनियरिंग इकोसिस्टम को दर्शाता है।
तकनीकी नेतृत्व और नवाचार
भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर डिजाइन और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी तकनीकी नेतृत्व क्षमता को बढ़ा रहा है। स्टैनफोर्ड AI इंडेक्स 2024 के अनुसार, AI कौशल प्रसार में भारत विश्व में पहले स्थान पर है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत चिप डिजाइन इंजीनियर भारत में हैं, जो इस क्षेत्र में देश की विशेषज्ञता को दर्शाता है। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन का लक्ष्य 2031 तक 1000 भौतिक क्यूबिट तक के क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना है, जो क्वांटम प्रौद्योगिकी में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सरकारी पहल और स्टार्टअप इकोसिस्टम
सरकार की विभिन्न पहलें, जैसे अटल इनोवेशन मिशन (AIM), इंस्पायर योजना, स्टार्टअप इंडिया और मेरिट योजना (तकनीकी शिक्षा में बहुविषयक शिक्षा और अनुसंधान सुधार योजना), नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दे रही हैं। इन पहलों ने छात्रों और इंजीनियरों के लिए एक मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार किया है, जिसके परिणामस्वरूप दिसंबर 2024 तक 72 अटल इनक्यूबेशन सेंटरों में 3,556 स्टार्टअप इनक्यूबेट हुए और 41,965 रोजगार सृजित हुए। भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है, जिसमें वर्ष 2025 में 11 नए यूनिकॉर्न बने, जिससे देश में यूनिकॉर्न की कुल संख्या 73 हो गई है।
नवीकरणीय ऊर्जा और बुनियादी ढाँचा
भारत नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। जनवरी 2025 तक देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगभग 217.62 गीगावाट तक पहुँच चुकी है, जिसमें सौर और पवन ऊर्जा की प्रमुख भूमिका है। जून 2025 तक देश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों का हिस्सा 51.1 प्रतिशत तक पहुँच गया है, जो वैश्विक जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप है। भारतमाला परियोजना और डिजिटल हाईवे पहल जैसी बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ देश के सड़क और राजमार्ग नेटवर्क को मजबूत कर रही हैं, साथ ही इंटरनेट आधारित सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचा रही हैं।
CSIR स्टार्टअप कॉन्क्लेव में महत्वपूर्ण समझौते
लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय CSIR स्टार्टअप कॉन्क्लेव में देश भर के वैज्ञानिकों ने नए प्रयोगों पर मंथन किया। इस कॉन्क्लेव में पर्यावरण विज्ञान, विषविज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी में संयुक्त अनुसंधान एवं कौशल विकास के लिए CSIR-IITR लखनऊ और पंजाब बायोटेक्नोलॉजी इनक्यूबेटर (PBTI) मोहाली के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अतिरिक्त, AI-आधारित औषधि खोज और विकास के लिए CSIR-CDRI, लखनऊ और केनिसएआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, वाराणसी के बीच एक पांच वर्षीय साझेदारी भी हुई। कॉन्क्लेव में PFAS हटाने के लिए नैनोकॉम्पोज़िट-आधारित जल शोधक और आंत माइक्रोबायोटा विश्लेषण के लिए एप्टामर-आधारित बायोसेन्सर जैसे प्रभावी नवाचारों के लिए वैज्ञानिकों को सम्मानित भी किया गया।
जनता की भागीदारी और भविष्य की दिशा
उत्तर प्रदेश सरकार का 'समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @2047' अभियान शिक्षा, कौशल विकास और AI पर जनता से सुझाव आमंत्रित कर रहा है, जो भविष्य की नीतियों का आधार बन सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोर दिया है कि AI, बायोटेक, ग्रीन एनर्जी और एग्रीटेक आधारित उद्योग उत्तर प्रदेश को वैश्विक पहचान देंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी दिवस पर कहा कि हिंदी तकनीक, विज्ञान और अनुसंधान की भाषा के रूप में उभर रही है।