भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं, जो देश के तकनीकी विकास और नवाचार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
डिजिटल सुरक्षा: 'संचार साथी' ऐप अनिवार्य
भारत सरकार ने ऑनलाइन घोटालों और साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने सभी नए मोबाइल फोन पर 'संचार साथी' (Sanchar Saathi) ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य कर दिया है। मोबाइल निर्माताओं को इस निर्देश का पालन करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया है। इसके अतिरिक्त, मौजूदा उपकरणों के लिए भी एक सॉफ्टवेयर अपडेट के माध्यम से इस ऐप को इंस्टॉल किया जाएगा। यह पहल डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी से बचाने के लिए सरकार के प्रयासों का हिस्सा है।
भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी: जियोस्मार्ट इंडिया 2025
नई दिल्ली में 1 दिसंबर, 2025 को 'जियोस्मार्ट इंडिया 2025' सम्मेलन का उद्घाटन हुआ। इस वर्ष का विषय 'एक राष्ट्र, एक नक्शा' है। यह सम्मेलन स्वदेशी भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी के महत्व पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य कृषि, शहरी नियोजन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ाना और विदेशी डेटा पर निर्भरता को कम करना है।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: भारत-पोलैंड साझेदारी
भारत और पोलैंड ने 1 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली में अपनी 11वीं विदेश कार्यालय परामर्श बैठक के दौरान विज्ञान और प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को तेज करने पर सहमति व्यक्त की। यह साझेदारी दोनों देशों के बीच तकनीकी प्रगति और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
परमाणु ऊर्जा: निजी निवेश को प्रोत्साहन
भारत सरकार परमाणु ऊर्जा अधिनियम और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम में संशोधन करने पर विचार कर रही है। इसका उद्देश्य परमाणु क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करना है, ताकि 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। यह कदम देश के ऊर्जा मिश्रण में विविधता लाने और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है।
नवाचार को बढ़ावा: IIC क्षेत्रीय बैठक 2025
सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुणे ने AICTE और शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (MIC) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित IIC क्षेत्रीय बैठक 2025 की मेजबानी की। यह कार्यक्रम भारत भर के आठ संस्थानों में एक साथ आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
इलेक्ट्रॉनिक्स विकास कोष (EDF) का प्रभाव
2016 में स्थापित इलेक्ट्रॉनिक्स विकास कोष (EDF) भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्र में नवाचार, कौशल विकास और उद्यमिता का समर्थन करना जारी रखता है। EDF ने डॉटर फंड्स में निवेश किया है, जिन्होंने बदले में IoT, रोबोटिक्स, ड्रोन, AI और साइबर सुरक्षा जैसे उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में कई स्टार्टअप्स का समर्थन किया है, जिससे देश में एक मजबूत तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण हुआ है।