भारत ने पिछले कुछ दिनों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें कई नई पहलें और घोषणाएं शामिल हैं जो देश को एक वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं।
1. 11वां भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) 2025
हरियाणा के पंचकुला में 6 से 9 दिसंबर 2025 तक 11वां भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) चल रहा है। यह महोत्सव वैज्ञानिक स्वभाव को बढ़ावा देने, विज्ञान में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने और शोधकर्ताओं, नवप्रवर्तकों, छात्रों तथा नीति-निर्माताओं के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए एक प्रमुख मंच है। इस वर्ष की थीम "विज्ञान से समृद्धि: आत्मनिर्भर भारत के लिए" है, जो विज्ञान-आधारित विकास और आत्मनिर्भरता की भावना को समर्पित है। महोत्सव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जैव-अर्थव्यवस्था, अंतरिक्ष, क्वांटम प्रौद्योगिकी और पारंपरिक ज्ञान के एकीकरण सहित 150 से अधिक तकनीकी और विषयगत सत्र शामिल हैं, जिसमें 40,000 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
2. केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की घोषणाएं
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने IISF 2025 के दौरान कई महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने कहा कि भारत अब प्रौद्योगिकी-संचालित विकास में वैश्विक रुझानों को आकार दे रहा है, जो एक पारंपरिक अर्थव्यवस्था से नवाचार-संचालित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत जैव प्रौद्योगिकी, परमाणु नवाचार, पुनर्योजी विज्ञान और अगली पीढ़ी की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों जैसे उभरते क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। डॉ. सिंह ने यह भी भविष्यवाणी की कि अगले 15 से 20 वर्षों के भीतर एक भारतीय चंद्रमा पर कदम रखेगा। उन्होंने नए ₹1 लाख करोड़ के अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) फंड के महत्व पर प्रकाश डाला, जिसका उद्देश्य निजी क्षेत्र को उच्च जोखिम, उच्च प्रभाव वाली परियोजनाओं, विशेष रूप से अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बढ़ावा देना है। मंत्री ने स्टार्टअप्स के लिए R&D में सलाह और जोखिम लेने के महत्व पर भी जोर दिया, यह देखते हुए कि भारत स्टार्टअप्स में विश्व स्तर पर तीसरे स्थान पर है और निवासी भारतीय नवप्रवर्तकों द्वारा पेटेंट दाखिल करने में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
3. IIT बॉम्बे की 'भारतजेन' AI पहल
IIT बॉम्बे ने भारत की AI पहल का नेतृत्व करने के लिए अपनी स्वयं की कंपनी, 'भारतजेन टेक्नोलॉजी फाउंडेशन' पंजीकृत की है। इस पहल का उद्देश्य एक लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) विकसित करना है जो भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को दर्शाता है। इस परियोजना को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) से प्रारंभिक ₹235 करोड़ और इंडियाएआई मिशन के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) से अतिरिक्त ₹1,058 करोड़ का महत्वपूर्ण सरकारी वित्तपोषण प्राप्त हुआ है। इसमें IIT और IIIT का एक संघ शामिल है, जिसका लक्ष्य 22 भारतीय भाषाओं में ओपन-सोर्स AI समाधान प्रदान करना है।
4. DRDO द्वारा सशस्त्र बलों को स्वदेशी तकनीकों का हस्तांतरण
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फंड (TDF) योजना के तहत विकसित सात स्वदेशी तकनीकों को भारतीय सशस्त्र बलों को सौंप दिया है। इन तकनीकों में एयरबोर्न जैमर के लिए उच्च-वोल्टेज बिजली आपूर्ति, नौसैनिक जेटियों के लिए टाइड-कुशल गैंगवे, पानी के भीतर संचार के लिए VLF/HF स्विचिंग मैट्रिक्स सिस्टम और VLF लूप एरियल, तेज इंटरसेप्टर शिल्प के लिए स्वदेशी वाटरजेट प्रणोदन प्रणाली, लिथियम-आयन बैटरी से लिथियम अग्रदूतों की पुनर्प्राप्ति, और पानी के भीतर संवेदन और लंबी निगरानी के लिए लंबी अवधि की समुद्री जल बैटरी प्रणाली शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, रणनीतिक, एयरोस्पेस, नौसैनिक और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षेत्रों में 12 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
5. बिजली क्षेत्र में AI और मशीन लर्निंग
केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) भारत के बिजली वितरण प्रणालियों को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ये तकनीकें बिजली नेटवर्क को अधिक स्मार्ट, उपभोक्ता-केंद्रित और स्वयं-अनुकूलित बनाएंगी। अनुप्रयोगों में स्मार्ट मीटर विश्लेषण, डिजिटल ट्विन, भविष्य कहनेवाला रखरखाव, बिजली चोरी का पता लगाना, उपकरण-स्तर की बिजली खपत की जानकारी, आउटेज पूर्वानुमान और जेनरेटिव-एआई आधारित निर्णय-सहायता शामिल हैं।
6. साइबर सुरक्षा में सहयोग
राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (NMDC) ने IIT-कानपुर के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य NMDC के IT और OT सिस्टम के लिए साइबर सुरक्षा को बढ़ाना और AI/ML समाधान विकसित करना है, विशेष रूप से खनन क्षेत्र में।
7. दिल्ली AI शिखर सम्मेलन
भारत नई दिल्ली में 'AI इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन' की मेजबानी कर रहा है, जिसमें AI के लिए न्यायसंगत और समावेशी नियम स्थापित करने के लिए 100 देश एक साथ आ रहे हैं। इस आयोजन को भारत की वैश्विक तकनीकी कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। भारत फरवरी 2026 में ग्लोबल AI शिखर सम्मेलन की भी मेजबानी करेगा, जिसका ध्यान जिम्मेदार AI पर होगा।