भारत में सरकारी योजनाओं और नीतियों के संबंध में पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखे गए हैं, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए प्रासंगिक हैं:
1. मनरेगा का नाम बदलकर 'विकसित भारत – ग्राम-जी' विधेयक, 2025
- लोकसभा ने 'विकसित भारत: ग्राम-जी – विकसित भारत: रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025' पारित कर दिया है। यह विधेयक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में एक महत्वपूर्ण वैधानिक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है।
- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार करने और श्रमिकों के कल्याण को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम बताया है।
- सरकार का तर्क है कि यह विधेयक ग्रामीण रोजगार गारंटी को आधुनिक बनाने, जवाबदेही को मजबूत करने और रोजगार सृजन को दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे तथा जलवायु अनुकूलता लक्ष्यों के साथ जोड़ने का लक्ष्य रखता है।
- हालांकि, विपक्ष (कांग्रेस) ने इस नाम परिवर्तन की आलोचना की है, इसे "काम के अधिकार" की गारंटी को कमजोर करने और मांग-आधारित योजना से केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को धन आवंटित करने वाली योजना में बदलाव के रूप में देखा है।
- सरकार का कहना है कि मनरेगा का पुराना ढांचा ग्रामीण भारत की वर्तमान वास्तविकताओं से पूरी तरह मेल नहीं खाता है, जहाँ उपभोग में वृद्धि, बेहतर वित्तीय समावेशन और विविध आजीविकाएँ देखी गई हैं।
2. उत्तर प्रदेश में स्वचालित वृद्धावस्था पेंशन योजना
- उत्तर प्रदेश सरकार ने बुजुर्गों के लिए एक नई और सरल वृद्धावस्था पेंशन प्रणाली शुरू की है। अब 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही, पात्र व्यक्तियों के बैंक खाते में हर महीने 1000 रुपये सीधे जमा होने लगेंगे, जिसके लिए किसी फॉर्म को मैन्युअल रूप से भरने की आवश्यकता नहीं होगी।
- यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल है और फैमिली आईडी सिस्टम के माध्यम से उम्र तथा पात्रता की स्वतः जांच की जाती है।
- पात्रता मानदंडों में उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना, 60 वर्ष या उससे अधिक आयु का होना, और ग्रामीण क्षेत्रों में 46,000 रुपये से कम तथा शहरी क्षेत्रों में 56,000 रुपये से कम वार्षिक आय होना शामिल है।
- पेंशन तिमाही आधार पर आधार-लिंक्ड बैंक खातों में 15 दिनों के भीतर जारी की जाती है।
3. उत्तर प्रदेश में धान और बाजरा खरीद में रिकॉर्ड वृद्धि
- योगी सरकार की नीतियों के कारण खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश में धान खरीद में नया रिकॉर्ड बना है।
- 19 दिसंबर, 2025 तक, 4,09,444 किसानों ने सीधे धान खरीद प्रक्रिया में भाग लिया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।
- कुल धान खरीद 25,02,149.60 मीट्रिक टन तक पहुँच गई है, और किसानों को 5,569.97 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
- राज्य में 4,743 ऑनलाइन खरीद केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
- बाजरा खरीद में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिसमें 1,72,109.30 मीट्रिक टन की खरीद हुई और 41,568 किसानों ने भाग लिया।
4. 1 दिसंबर, 2025 से प्रभावी हुए प्रमुख नीतिगत बदलाव
- एलपीजी सिलेंडर की कीमतें: तेल कंपनियों ने घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के लिए नई कीमतें जारी की हैं।
- आधार कार्ड अपडेट: नाम, पता, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी को ऑनलाइन अपडेट करना अब आसान हो गया है, जिसका सत्यापन पैन कार्ड या पासपोर्ट जैसे सरकारी रिकॉर्ड से किया जा सकता है। यूआईडीएआई ने एक नया आधार ऐप भी लॉन्च किया है।
- आयकर अधिनियम 2025 के नए नियम: सरकार दिसंबर 2025 के अंत तक नए आयकर नियमों से संबंधित अधिसूचनाएँ जारी करने वाली है।
- उत्तर प्रदेश बिजली बिल राहत योजना: 1 दिसंबर, 2025 से प्रभावी, यह योजना बकाया बिजली बिलों पर 100% ब्याज माफी और मूलधन पर 25% तक की छूट प्रदान करती है, जिसमें बिजली चोरी के जुर्माने पर भी 50% की छूट शामिल है।