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August 24, 2025 August 24, 2025 - Current affairs for all the Exams: भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार समाचार: यस बैंक-एसएमबीसी डील, एफआईआई निकासी और आर्थिक विकास पर पीएम मोदी का बयान

पिछले 24 घंटों में, भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखे गए हैं। प्रमुख खबरों में यस बैंक में जापानी बैंक सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (एसएमबीसी) द्वारा लगभग 25% हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए आरबीआई की मंजूरी शामिल है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय बाजार से लगातार निकासी की है, अगस्त में अब तक ₹25,564 करोड़ निकाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताया है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की बात कही है। इसके अतिरिक्त, आगामी सप्ताह में कई आईपीओ खुलने वाले हैं, और शेयर बाजार वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से प्रभावित रहेगा।

भारतीय व्यापार और अर्थव्यवस्था ने पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखे हैं। इनमें विदेशी निवेश, बाजार रुझान और नीतिगत बयान प्रमुख रहे हैं।

यस बैंक में एसएमबीसी का बड़ा निवेश

जापानी बैंकिंग दिग्गज सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (एसएमबीसी) को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से यस बैंक में लगभग 25% हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी मिल गई है। इस डील में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अपनी 13.19% हिस्सेदारी बेचेगा, जबकि एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, फेडरल बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक सहित सात अन्य भारतीय बैंक शेष 6.81% हिस्सेदारी बेचेंगे। इस सौदे के लिए अभी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की मंजूरी मिलनी बाकी है। यह डील भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में सबसे चर्चित विदेशी निवेश डील्स में से एक बन सकती है और भारत में विदेशी बैंकों की हिस्सेदारी बढ़ने से बैंकिंग क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

एफआईआई की निरंतर बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) अगस्त में भी भारतीय शेयर बाजार से बिकवाली जारी रखे हुए हैं। 22 अगस्त तक, एफआईआई ने भारतीय बाजार से ₹25,564 करोड़ की शुद्ध निकासी की है। साल 2025 की शुरुआत से अब तक वे कुल ₹1.57 लाख करोड़ से अधिक की इक्विटी निकाल चुके हैं। इक्विटी के अलावा, उन्होंने बॉन्ड बाजार से भी पैसा निकालना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा बिकवाली बैंकिंग, फाइनेंस और आईटी सेक्टर में हुई है, जबकि टेलीकॉम और कैपिटल गुड्स सेक्टर में अभी भी निवेश जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की संभावना के चलते आने वाले समय में बिकवाली थोड़ी कम हो सकती है।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रधानमंत्री मोदी का बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है। उन्होंने बताया कि वैश्विक विकास में भारत का योगदान जल्द ही लगभग 20% होने वाला है। प्रधानमंत्री ने माइक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता पर जोर दिया और जून महीने में ईपीएफओ डेटा के अनुसार 22 लाख औपचारिक नौकरियों के जुड़ने का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत 100 देशों को इलेक्ट्रिक वाहन निर्यात करने की उपलब्धि हासिल करने के लिए तैयार है।

आगामी आईपीओ और बाजार की चाल

अगले सप्ताह (26 अगस्त से शुरू) शेयर बाजार में हलचल रहने वाली है क्योंकि 10 कंपनियां अपने आईपीओ लेकर आ रही हैं, जिनसे कुल मिलाकर ₹1,190 करोड़ से अधिक जुटाने की उम्मीद है। इनमें दो मेनबोर्ड आईपीओ और आठ एसएमई सेगमेंट से होंगे। भारतीय शेयर बाजार की चाल आगामी सप्ताह में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले, भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त अमेरिकी शुल्क लगाने की समय सीमा (27 अगस्त), एफआईआई की कारोबारी गतिविधियों, वैश्विक रुझानों और घरेलू मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़ों (जैसे औद्योगिक उत्पादन और दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े) से तय होगी। जीएसटी 2.0 सुधारों और घरेलू स्तर पर व्यापक आर्थिक मजबूती को लेकर आशावाद से भारतीय बाजारों को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

अन्य प्रमुख खबरें

  • सोने का भाव शुक्रवार को ₹1,00,370 प्रति 10 ग्राम पर थोड़ा गिरा, जबकि चांदी की कीमत ₹1,15,000 प्रति किलोग्राम तक बढ़ गई। विशेषज्ञ जैक्सन होल संगोष्ठी में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख का इंतजार कर रहे हैं।
  • एआई चैटबॉट चैटजीपीटी की मूल कंपनी ओपनएआई इस साल के अंत तक दिल्ली में अपना पहला भारतीय कार्यालय खोलने जा रही है।
  • टाटा मोटर्स ने 15 साल बाद दक्षिण अफ्रीकी बाजार में फिर से प्रवेश किया है, जिसका लक्ष्य दीर्घकालिक उपस्थिति बनाना है।

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