भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का विस्तार करते हुए हाल ही में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम दर्ज किए हैं। ये अपडेट देश की वैज्ञानिक प्रगति और तकनीकी नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर करते हैं।
समुद्रयान परियोजना: गहरे समुद्र में भारत की नई छलांग
भारत के पहले मानवयुक्त गहरे समुद्र मिशन, 'समुद्रयान' परियोजना ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस परियोजना की तैयारियों के तहत, दो भारतीय जलसैनिकों ने अटलांटिक महासागर में एक फ्रांसीसी पनडुब्बी 'नौटाइल' में गोता लगाया। इस मिशन का लक्ष्य 2027 तक 'मत्स्य-6000' नामक मानवयुक्त पनडुब्बी का उपयोग करके तीन मानवों को समुद्र की 6,000 मीटर गहराई तक भेजना है। यह उपलब्धि भारत को उन चुनिंदा देशों (अमेरिका, रूस, चीन, जापान, फ्रांस) की श्रेणी में शामिल कर देगी जिनके पास मानवयुक्त गहरे समुद्र में जाने की क्षमता है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य गहरे समुद्र से खनन, मानवयुक्त पनडुब्बियों और समुद्री रोबोटिक्स के लिए प्रौद्योगिकियों का विकास करना है, साथ ही खनिज भंडारों, विशेष रूप से बहुधात्विक नोड्यूल्स का सर्वेक्षण करना है।
चंद्रयान-5 के लिए भारत-जापान सहयोग
भारत और जापान चंद्रयान श्रृंखला के अगले मिशन, चंद्रयान-5 के लिए सहयोग करेंगे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) ने संयुक्त चंद्र ध्रुवीय अन्वेषण मिशन के लिए प्रतिबद्धता जताई है। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के स्थायी रूप से छायांकित क्षेत्रों (PSR) के आसपास चंद्रमा के जल और अन्य स्थायी पदार्थों की खोज करना है। JAXA अपने H3-24L प्रक्षेपण यान से मिशन को लॉन्च करेगा, जिसमें ISRO द्वारा निर्मित चंद्र लैंडर और जापान निर्मित चंद्र रोवर शामिल होंगे।
शिक्षा में AI के विस्तार के लिए OpenAI की भारत के साथ साझेदारी
OpenAI ने भारत के शिक्षा मंत्रालय और स्कूलों के साथ एक व्यापक साझेदारी की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य सीखने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग का विस्तार करना है। इस साझेदारी के तहत, OpenAI अगले छह महीनों में देश की शिक्षा प्रणाली में अपने लोकप्रिय चैटजीपीटी (ChatGPT) सेवा के पांच लाख लाइसेंस वितरित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अतिरिक्त, IIT मद्रास के साथ AI सीखने के परिणामों में सुधार और नई शिक्षण विधियों के निर्माण में मदद करने के लिए 500,000 डॉलर की शोध साझेदारी की भी घोषणा की गई है। भारत अमेरिका के बाद OpenAI के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार है।
बायोई3 नीति और नेशनल बायोफाउंड्री नेटवर्क
बायोई3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) नीति के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने भारत के पहले नेशनल बायोफाउंड्री नेटवर्क का शुभारंभ किया। यह नेटवर्क, जिसमें 6 संस्थान शामिल हैं, जैव-आधारित उत्पादों के विकास और व्यावसायीकरण में तेजी लाने, स्वदेशी जैव-विनिर्माण को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद करेगा। इस पहल के तहत, पंजाब के मोहाली में भारत के पहले बायोमैन्युफैक्चरिंग इंस्टीट्यूट का भी उद्घाटन किया गया है।
इंडियाएआई इन एक्शन पॉडकास्ट श्रृंखला का शुभारंभ
स्टार्टअप पॉलिसी फोरम (SPF) ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत इंडियाएआई मिशन के सहयोग से "इंडियाएआई इन एक्शन" पॉडकास्ट श्रृंखला का शुभारंभ किया है। नई दिल्ली में शुरू की गई यह श्रृंखला दर्शाती है कि कैसे भारतीय स्टार्टअप उद्योग की चुनौतियों का समाधान करने और व्यावसायिक और सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर रहे हैं।
भारतीय तटरेखा के लिए समुद्री बहु-खतरा सेवाओं पर सम्मेलन
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने चेन्नई में भारतीय तटरेखा के लिए समुद्री बहु-खतरा सेवाओं पर एक सम्मेलन का आयोजन किया। इस दौरान यह बताया गया कि मछुआरा समुदाय को चक्रवातों से सुरक्षित रखने में मदद के लिए 1 सितंबर से सेल ब्रॉडकास्ट के माध्यम से एक नई सामान्य चेतावनी प्रणाली का परीक्षण शुरू किया जाएगा।